Fed Up With the Fight of your Children? | Parent Coach

Rahul Kaushik
Parenting

28 Nov 2020
Fed Up With the Fight of your Children? | Parent Coach

कहते है कि जहा प्यार होता है वहा तकरार भी होती है किसी भी रिश्ते में छोटी छोटी लड़ाई तो होती है लेकिन जब आपकी लड़ाई ज्यादा बढ़ जाती है और ज्यादा समय तक चले तो यह आपके रिश्ते के लिए खतरा पैदा कर सकती है ऐसे में अगर इन छोटी लड़ाई को ही खत्म करने के तरीको के बारे मे जान ले तो बात आगे ही नहीं बढेगी आइए जाने लड़ाई को खत्म करने के तरीको के बारे मे| वैसे तो माता पिता की चाहत होती है कि वे अपने बच्चों को बेहतरीन परवरिश दे और वे कोशिश भी करते है |फिर भी कई बार माता पिता ज्यादातर बच्चे के व्यवहार और प्रदर्शन से खुश नही होते उन्हें अक्सर शिकायत करते सुना जा सकता है कि बच्चे ने ऐसा कर दिया या बच्चे ने वैसा कर दिया | लेकिन इसके लिए भी काफी हद तक माता पिता ही जिम्मेदार होते है क्योंकि अक्सर किस हालात में क्या कदम उठाना है वे स्वय ही नहीं तय कर पाते | किस स्तिथि मे क्या कदम उठाना है उन्हें ही पता नहीं चलता |

1 छोटी-छोटी बातो को मुद्दा न बनाए:

अगर आप छोटी –छोटी बातो को लेकर बहस करते है तो यह सही नहीं है यह आपके रिश्ते के लिए खतरा बन सकता है हमेशा बेकार की बहस से बचने की कोशिश करनी चाहिए | कोशिश करे कि छोटी –छोटी बाते लड़ाई की वज़ह न बने |

2 गुस्सा शांत करे :

जब आपको लगता है कि लड़ाई काफी बढ़ रही है तो कोशिश करे कि बच्चो को एक दुसरे के सामने से हटा दे ताकि थोडा गुस्सा कम हो जाए | पति पत्नी में भी अगर झगड़ा हो जाए तो कुछ देर के लिए पति के सामने से हट जाए | इस प्रकार आपके सामने से हट जाने पर गुस्सा कम हो जाएगा और फिर बात करने की उम्मीद बढ़ जाएगी

3 समस्या का समाधान निकाले :

हो सकता है दोनों बच्चो में वैचारिक मतभेद हो इसमे कोई बुरी बात नही | क्योकि हर एक इन्सान के विचार एक जैसे नहीं होते |छोटी मोटी बातो को लेकर लड़ाई करना ठीक नहीं है अच्छा होगा कि बैठकर बच्चो की बात को सुने और बात को सुलझा दे |

4 मूड को समझे:

अगर बच्चे का मूड ख़राब है तो उससे किसी बात को लेकर लड़ाई न करे | मूड़ ख़राब होने पर लोग अपने गुस्से पर काबू नहीं रख पाते और ऐसे में बात बढ़ जाती है अगर बच्चा गुस्से में है तो उसे अकेला छोड़ देना चाहिए |

5 निर्णय होने पर फिर से मुद्दे पर बात न करे :

अगर बच्चो के बीच जिस बात पर लड़ाई हो रही थी वह सुलझ गई हो और उस पर निर्णय भी हो चूका है तो उस मुद्दे को बीच में न लाए या उस पर ज़िक्र शुरू न करे

6 मुद्दे को नजरअंदाज न करे:

जिस वजह से बच्चो के बीच या पति पत्नी के बीच लड़ाई हो रही हो तो उसे नजरअंदाज कर किसी पुरानी बात को बीच में न लाए या उस पर ज़िक्र शुरू न करे इससे दोनों के बीच लड़ाई ख़तम होने की बजाए और बढ़ जाएगी अच्छा होगा कि जिस बात ब्पेर लड़ाई हो रही है उसी पर बात करे और उसी को सुलझाए |

7 बात करना न छोड़े:

झगड़ा तो होता ही रहता है इसके लिए बात बंद करने की क्या जरूरत है कुछ  देर की नाराजगी तो ठीक है पर मुह फुला कर लगातार संवाद करते रहना अच्छी बात नहीं | पुरानी बात को लेकर बहस न करे और अतीत को लेकर झगडा न करे |

9 बातो को सुने :

अगर दोनों बच्चे गुस्से में है और लड़ाई कर रहे है ऐसे में पलट कर जवाब न दे बल्कि उनकी बातो को सुने यकीन मानिए ऐसा करने से बच्चो का झगडा ख़तम हो जाएगा और गुस्सा भी शांत हो जाएगा

10 प्यार भरा स्पर्श:

अगर लड़ाई बढती जारही है और आप इस बेकार की बहस से बचना चाहते है तो दोनों बच्चो का हाथ थाम ले ऐसा करने से दोनों बच्चो का गुस्सा शांत हो जाएगा और दोनों आपको गले लगाने पर मजबूर हो जाएगे | किसी भी समय जरूरत पड़ने पर आप काउंसलर से सलाह लेने से डरे नहीं | ऑन्लाइन सम्पर्क करने के लिये www.myfitbrain.in पर सम्पर्क करे |

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    Rahul Kaushik

    Counselor

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    Language: English

    Area Of Expertise: Child Counseling, Deaddiction, Adolescent Counselling, Psycho Therapies, OCD, Depression

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