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How to Score Good Marks in the Exam?

How to Score Good Marks in the Exam?

  1. इस बात में कोई शक नहीं कि परीक्षा पास करने के लिए पढना जरुरी है पढ़ते तो सभी है लेकिन 80 -90% नंबर कुछ ही विधार्थी ला पाते है हम सोचते है कि एसी क्या बात है जो एक टोपर को नार्मल विधार्थी से अलग करती है वह है याद करना | मतलब आप क्या पढ़ रहे है कितना पढ़ रहे है जो पढ़ रहे है वो महत्वपूर्ण है या नह
  • केन्द्रित करना:  इसका अर्थ है किसी चीज़ को रटने की बजाए उसके मतलब को समझने की कोशिश करनी चाहिए | अगर हम रट  लेते है तो वह हमें वह तीन या चार घंटे तक ही याद रहता है और अगर किसी चीज़ का मतलब समझ लेंगे तो वह हमेशा लम्बे समय तक याद रहेगा |
  • मुख्य बिंदु:  किसी भी पार्ट को समझने के दोरान उसके मुख्य बिंदु पुस्तिका पर लिखे अगर आपको पार्ट समझ में आता है तो कई महीनों, सालो के बाद उन मुख्य बिंदु को देखते  ही वो चीज एक दम दिमाग में आ जाती है अगर इन्सान किसी काम को ध्यान से करता है तो वो मरते दम तक इंसान को नहीं भूलती लकिन इस्तेमाल के आभाव में वह यद् नहीं आती कई विधार्थी इसे टाइम बर्बाद के नज़रिए से देखते है जिससे बाद में बड़ी परेशानी आती है
  •  प्रश्न पत्र: किसी भी परीक्षा में अच्छे नम्बर लाने सबसे बढ़िया तरीका है कि पिछले कई सालो के प्रशन पत्र को देखा और उसके मुताबिक तैयारी को दिशा दी जाए इससे परीक्षा के तरीके और समय का सही से अनुमान लग जाता है
  • समय प्रबंधक: विषय को उपयुक्त समय देना और उसके मुताबिक पढना  | किस समय क्या पढना है और कैसे पढना है समय को पाबंध बना कर ही करना चाहिए इससे एक तो दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा और अच्छी सफलता भी मिलेगी इसके बिना सफलता की उम्मीद भी नहीं की जा सकती  
  • घबराहट से बचना: कई विधार्थी अच्छा करने के बावजूद भी परीक्षा के समय घबरा जाते है परन्तु इस दर से भी मुक्ति पाई जा सकती है इसके इलावा भी कई एसी छोटी मोटीबाते हैं जिसको अपना कर इस समस्या से निजात पाई जा सकती है परीक्षा के समय 6 से 8 घंटे की नींद लेना तथा उचित खान पान लेना चाहिए ताकि दिमाग पर किसी चीज़ का दबाव न हो जिन छात्रों को ज्यादा घबराहट या समझने में दिक्कत आ रही हो वे योग जैसे की अनुलोम –विलोम भी कर सकते है
  • बच्चे से बात करे: बात आपके बच्चे की पढाई की है तो आप यह बात अच्छी तरह स जान ले पढने में आपके बच्चे को क्या दिक्कत आ रही है बात को जानने के बाद ही आप बच्चे को संभाल सकते है
  • पढाई के महत्व को समझाए:  बच्चे को पढाई का महत्व समझाए कि ये उम्र पढाई के लिए कितनी जरुरी है ये पढाई उसके कैरिएर की नीव होती है इस समय पढाई के प्रति लापरवाही उसके भविष्य को खराब कर सकती है जरूरत हो तो काउंसलर के पास ले जाए |
  • उसके दोस्तों से बात करे: अगर आपको लग रहा है कि आपका बच्चा दोस्तों के साथ ज्यादा सुरक्षित है तो उसको दोस्तों को घर बुलाए उन्हें बात करने का मौका दे ताकि वो अपने मन की बात कर सके कुछ सुन सके कुछ कह सके | साथ उनकी आपस की मस्ती भी उसे पुरानी बातो को भुलाने मैं मदद करेगी
  • उनकी रूचि को बढावा दे: गाने सुनने,गाना और लिखने से लेकर पेंटिंग तक जो भी आपके बच्चे की रूचि हो उसे करने के लिये उसे प्रेरित करे| इससें उसका दिमाक भी तरोताजा हो जायेगा .

किसी भी समय जरूरत पड़ने पर आप काउंसलर से सलाह लेने से डरे नहीं | ऑन्लाइन सम्पर्क करने के लिये www.myfitbrain.in पर सम्पर्क करे |


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