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Is Your Child Stubborn?

Is Your Child Stubborn?

छोटा परिवार, सुखी परिवार’, यह बात भले ही आज के संदर्भ में फिट बैठे, लेकिन अकेले बच्चों की अपनी ढेरों समस्याएं भी हैं। देखा जाए, तो सबसे ज्यादा परेशानी ऐसे बच्चों की परवरिश करने में उसकी मां की होती है। ऐसी मांएं बहुत ही ज्यादा तनाव में रहती हैं। अगर वो कामकाजी है, तो उनकी समस्या और भी गंभीर हो जाती है।बातें करें: - बच्चा अकेला हो, तो सबसे पहले मां को इस बात का ध्यान रखना होगा कि उनका लाडला/ लाडली अन्तर्मुखी न बने। इसलिए जब बच्चा बोलने लगे, तभी से उसके साथ खूब बातें करें। उसके हर सवाल का जवाब दें, क्योंकि छोटे बच्चे हर बात में क्यों, कैसे, क्या होगा और कई बार तुलनात्मक सवाल भी कर देते हैं। यह भी ध्यान रखें कि बच्चा जब तक संतुष्ट नहीं होगा, वह आपको परेशान करेगा। अत: आप अपने बच्चे को सही और तर्कसंगत जवाब दें।उससे उसके स्कूल की बातें करें, उसके दोस्तों के बारे में पूछें। साथ ही अपनी भी कुछ बातें उसे बताएं। बच्चे को सकारात्मक बातों की तरफ प्रेरित करें। इससे आगे चलकर बच्चा आपसे अपनी बातें शेयर भी कर पाएगा और उसे अकेलेपन का अहसास भी नहीं होगा और न ही वह बार-बार आपको परेशान करेगा।जिद्दी न बनने दें:- आमतौर पर मांएं परेशानियों से बचने के लिए या खुद को बच्चों के साथ माथा-पच्ची न करना पड़े, घर या ऑफिस के काम में कोई रुकावट न हो, इसके लिए बच्चे की हर मांग पूरी कर देती हैं। लेकिन कुछ ही समय बाद किसी भी चीज के लिए जिद करना बच्चे की आदत बन जाती है। ऐसी परेशानी से बचने के लिए मांओं को चाहिए कि बच्चा जो मांग रहा है, वह उसके लिए सही है या नहीं, इस बात से बच्चे को अवगत कराएं, वह भी तर्क के साथ। घर-ऑफिस के काम की अपनी प्राथमिकताएं हैं, पर आपका बच्चा और उससे संबंधित बात या काम आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। समय रहते अगर बच्चे को सही-गलत का अहसास न कराया गया, तो यही बच्चा आगे चलकर अपनी मांग पूरी करने के लिए खुद भी गलत रास्ते पर जा सकता है या आपको भी ब्लैकमेल कर सकता है।सकारात्मक कार्य कराएं:- बच्चा चंचल होता है, अकेले में या अकेलेपन में उसका दिमाग गलत कामों में या नकारात्मक बातों में उलझेगा, जो मां के लिए परेशानी का सबब बन सकता है। ऐसे में बच्चे को कभी भी अकेला न छोड़ें। स्कूल के बाद उसे किसी एक्टिविटी से जोड़ें, इससे बच्चा कुछ सीखेगा भी। बच्चे को छोटे–छोटे कामों में भी लगा सकती हैं। इससे बच्चे को काम करने की भी आदत लगेगी, जो आगे चलकर उनके हित में ही होगा। लेकिन अपने बच्चे को उसी काम में लगाएं, जिसमें उसकी रुचि हो, अन्यथा बच्चा आपके लिए दोगुनी परेशानी खड़ी कर सकता है। अकेले बच्चे की मां यदि धैर्य और चातुर्य से काम ले, तो न सिर्फ वो परेशानियों से बच सकती है, बल्कि उस बच्चे की परवरिश भी अच्छी होगी।

आजकल बच्चे बहुत ज्यादा जिद्दी और गुस्सैल स्वभाव के होते जा रहे हैं. जिस कारण माता-पिता अपने बच्चो को लेकर बहुत परेसान और चिंतित रहते है. उन्हें बहुत मानसिक कष्ट झेलना पड़ता है बहुत से माता-पिता अपने बच्चे के गुस्से को ठीक से कण्ट्रोल नहीं कर पाते है. और वह खुद गुस्सा करने लगते है. बच्चों को जब गुस्सा आता है, तो वह रोने-चीखने लगते हैं. बच्चों के गुस्से को दूर करने के लिए आप कुछ आसान तरीके है जिन्हें अपना सकते है.

    बच्चों का गुस्सा कम करने के टिप्स Tips to Reduce Child Anger

बच्चो में गुस्सा करने के कई कारण हो सकते है इसके लिए हर माता-पिता को अपने बच्चे के गुस्से का कारण जानने की कोशिश करनी चाहिए. बच्चों के गुस्से को कम करने के कुछ आसान और असरदार उपाय है जिसके द्वारा माता-पिता बच्चों के गुस्से को कम करने में उनकी मदद कर सकते है.

1. खुद शांत रहे और अपने बच्चे को समय दे Stay Calm and Give Time to Your Child

माता-पिता को अपना पेसेंस लेवल कभी भी कम नहीं करना चाहिए जब भी बच्चों को गुस्सा आये तो खुद गुस्सा करने के बजाय शांत रहने की कोशिश करनी चाहिये ये याद रखे कि दिन भर की थकान के बाद जब आप थके होते है तो छोटी-छोटी बात पर भी बच्चों पर भड़क जाते हैं. बच्चे जो देखते हैं, वही सीखते हैं. इसीलिए बच्चों को समय दे.

2. खुद आक्रामक व्यवहार करने से बचे Save from Aggressive Behavior

कभी भी बच्चे से कोई गलती होने पर उसपर हाथ उठाने से बचना चाहिए. अगर आप बच्चों को सुधारने के लिए हिंसक रुख अपनाते हैं तो आप बच्चे को सुधारने की बजाय उन्हें और भी गुस्सेल बना रहे होते है. इसीलिए बच्चों से हमेशा प्यार से पेश आये.

  बच्चों का गुस्सा कम करने के टिप्स Tips to Reduce Child Anger

बच्चो में गुस्सा करने के कई कारण हो सकते है इसके लिए हर माता-पिता को अपने बच्चे के गुस्से का कारण जानने की कोशिश करनी चाहिए. बच्चों के गुस्से को कम करने के कुछ आसान और असरदार उपाय है जिसके द्वारा माता-पिता बच्चों के गुस्से को कम करने में उनकी मदद कर सकते है.

1. खुद शांत रहे और अपने बच्चे को समय दे Stay Calm and Give Time to Your Child

माता-पिता को अपना पेसेंस लेवल कभी भी कम नहीं करना चाहिए जब भी बच्चों को गुस्सा आये तो खुद गुस्सा करने के बजाय शांत रहने की कोशिश करनी चाहिये ये याद रखे कि दिन भर की थकान के बाद जब आप थके होते है तो छोटी-छोटी बात पर भी बच्चों पर भड़क जाते हैं. बच्चे जो देखते हैं, वही सीखते हैं. इसीलिए बच्चों को समय दे.

2. खुद आक्रामक व्यवहार करने से बचे Save from Aggressive Behavior

कभी भी बच्चे से कोई गलती होने पर उसपर हाथ उठाने से बचना चाहिए. अगर आप बच्चों को सुधारने के लिए हिंसक रुख अपनाते हैं तो आप बच्चे को सुधारने की बजाय उन्हें और भी गुस्सेल बना रहे होते है. इसीलिए बच्चों से हमेशा प्यार से पेश आये.

   3. बच्चों को गुस्से पर काबू पाना सीखाये Teach Control Anger

जब कभी भी बच्चा गुस्सा करे तब उसे उसके गुस्से पर कण्ट्रोल करना सीखाये. आप अपने व्यवहार के द्वारा बच्चों को सीखाये कि गुस्से पर कैसे काबु पाया जाए.

4. बच्चे को अच्छा व्यवहार करना सीखाये Teach Good Behavior

अपने बच्चे को अच्छा व्यवहार करना सीखाये. कौन सी परिस्थिति में कैसा व्यवहार किया जाना चाहिए यह उसे सीखाते रहे. अपने से बड़ों और छोटे से कैसा व्यवहार करना है यह भी बताये.

5. बच्चों को कभी भी अनदेखा करे Don’t Avoid Your Child

कई बार देखा गया है की बच्चे अपनी ओर ध्यान खींचने के लिए भी गुस्सा करने लगते है जब बच्चो को लगता है कि उनकी अनदेखी हो रही है तब वह गुस्सा करके अपनी ओर सबका ध्यान खींचने की कोशिश करते है. अपने बच्चे को गुस्से से बचाने के लिए उन्हें भरपूर समय दे.

 6. गुस्से की वजह जानने की कोशिश करे Know Reason of Anger

सबसे पहले और अहम् बात की जब आपका बच्चा गुस्सा करे तो उसके गुस्से की वजह जानने की कोशिश करे अगर आप गुस्से का कारण जान जायेंगे तो यह तय कर पाएंगे की बच्चे के साथ कैसा व्यवहार करना है.

7. गुस्सा आने पर बच्चों का ध्यान दूसरी तरफ लगाए Attention Other Side

जब भी बच्चा गुस्सा करे तो उसे कही बाहर ले जाकर उसका ध्यान बताने की कोशिश करे. या फिर बच्चे को कोई किताब देकर या खिलौना देकर उसका ध्यान कही ओर लगाने की कोशिश करे.

8. बच्चे को कुछ स्नैक्स दे Some Snakes for Eat

कभी-कभी बच्चे को भूख के कारण भी गुस्सा आता है तो ऐसे स्थिति में उसे टेस्टी स्नैक्स या उसकी मनपसंद चीज खाने को दे. आप बच्चे के लिए हेल्थी स्नैक्स जैसे -पीनट बटर क्रैकर्स ,बॉयल्ड एग ,आदि दे सकते है जिससे उसे एनर्जी भी मिले.

  9. बच्चों को एक्सरसाइज और स्पोर्ट्स के लिए प्रेरित करे Encourage to Exercise and Play Sports

बच्चों में गुस्सा शांत करने का ये सबसे अच्छा तरीका है एक्सरसाइज करने और स्पोर्ट्स में पार्ट लेने वाले बच्चों को गुस्सा कम आता है एक्सरसाइज और मैडिटेशन करने से दिमागी शांति मिलती है या फिर काउंसलर की जरूरत पढने पर काउंसलर से बात करने से डरे नही  बच्चे को काउंसलर के पास ले जाए

 

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