Creating Fantasy World by Kids | Child Psychologist

Nisha Ravishankar
Child Behaviour

28 Nov 2020
Creating Fantasy World by Kids | Child Psychologist

लगातार पराजय या असफल्ताओं का सामना कर रहे बच्चे असंतुष्ट और अड़ियल हो सकते हैं| अपर्याप्तता और अक्षमता की मिली-जुली भावनायों से निपटने के लिए बच्चे एक काल्पनिक दुनिया में रहना शुरू कर देते हैं| यह दुनिया इच्छित लक्ष्यों की प्राप्ति द्वारा चिन्हित होती है| ये बच्चे एक प्रसिद्ध फिल्मस्टार, चर्चित एथलीट या अत्यधिक बुद्धिमान छात्र के रूप में अपनी तस्वीर बना सकते है| ये कल्पनाएँ एक “सेफ्टी वॉल्व” की तरह काम करती हैं और दबे हुए गुस्से और असंतोष को बाहर निकलती हैं| ये कल्पनाएँ उत्पीड़न और भावनात्मक चोट से राहत दिलाकर बच्चे के आत्मविश्वास की रक्षा करती हैं| इस तरह की कल्पनाएँ लड़ाकू हीरो का तरीका कहलाती हैं|

माता-पिता द्वारा लगातार दिखाई जा रही उदासीनता अनचाही आदतों के विकास की ओर ले जाती है और बच्चा गलत आदतों वाली या आपराधिक गतिविधियों वाली टोली में शामिल हो सकता है| अनिकेत इंटर स्कूल क्रिकेट मैचों में रन बनाने में लगातार असफल रहा| उसे स्कूल की टीम से निकल दिया गया| बच्चे के ठेस पहुंची और उसने खुद की कल्पना क्रिकेट की नामी शख्सियत सचिन तेंदुलकर के रूप में करना शुरू कर दी| वह हर बॉल पर छक्के और चौकें लगाने तथा शतक बनने की कल्पना करने लगा| यहाँ तक कि तरह दिखने के लिए उसने स्टाइलिश काला चश्मा खरीद लिया और पूरी क्रिकेट किट खरीद देने के लिए अपने पापा के पीछे पड़ गया|

हर शाम अनिकेत अपनी साइकिल पर क्रिकेट किट रखकर स्कूल के खेल के मैदान में पहुँचता और दुसरे लड़कों के पीछे घूमता| वह देर शाम तक ढेरों कहानियों के साथ घर लौटता की उसने कैसे धमाकेदार बल्लेबाज़ी की और कैसे सब उसे “मास्टर-ब्लास्टर” बुलाते हैं| अनिकेत के माता-पिता काफी समय तक ‘जमीनी सच्चई’ से अनजान रहे| एक दिन जब अनिकेत के पापा स्कूल के खेल मैदान में पहुँचे, तो उन्होंने अपनी जिंदगी का सबसे बड़ा झटका खाया| अनिकेत बाउंड्रीवॉल पर कुछ लड़कों के साथ बैठा सिगरेट पी रहा था| अनिकेत के पिता उसे घर ले आए और जब उसकी क्रिकेट किट जाँची, तो वह ख़ाली निकली| अनिकेत ने पैसे के लिए क्रिकेट किट का सारा सामान बेच डाला था|

अपने बच्चे के साथ ऐसा कभी न होने दें| अनिकेत के साथ ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि उसके माता-पिता ने उसकी गतिविधियों पर नज़र नहीं रखी| इसी वजह से वे नहीं जान पाए कि उनका बच्चा असफल हो गया है और कल्पनायो की दुनिया में रह रहा है| सन्देश स्पष्ट है: खुद को अपने बच्चे के साथ जोडे रखें| सफलता गले लगाने की योग्यता रखती है, पर असफलता पर कहीं अधिक ज़ोरदार आलिंगन की जरूरत होती है| काल्पनिकता का एक और तरीका है, जिसे बीमार हीरो तरीके के रूप में जाना जाता है| इसमें बच्चे यह मनना शुरू कर देते हैं कि उनकी असफलता की वजह उनका किसी भयंकर बीमारी का शिकार होना, अपंगता या किस्मत का साथ न देना है अथवा उन पर किसी शैतानी आत्मा का साया| ये बच्चे यह मनने को तैयार नहीं होते| इसके विपरीत वे मानते है कि जब उनकी इस मुश्किल को माता-पिता, शिक्षक और दुसरे लोग जान जाएँगे, तो वे समझेंगे कि इन मुश्किलों से निपटने के लिए कितने साहस की जरूरत है| इसके बाद सभी उनके प्रति सहानुभूति रखेंगे और उनके प्रशंसक हो जाएँगे|

काल्पनिकता के इस ढंग में ख़राब प्रदर्शन या असफलता के लिए बाक़ायदा सफ़ाई दी जाती है और सक्षमता की भावना तथा स्वमुल्य संरक्षित रहते हैं| इन बच्चों के लिए माता-पिता और शिक्षकों को सफलता के अवसर रखने चाहिए| सफलता काल्पनिक जगत से बाहर निकलने और वास्तविक संसार में जगह पाने में उनकी मदद करेगी|

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    Nisha Ravishankar

    Counselor

    Location: N/A

    Language: English, Hindi, Tamil, Tamil

    Area Of Expertise: Child Counseling, AMIT VERMA, Parenting, Self Improvement, Sleep, Physical Health, AMIT VERMA, Work Stress, Job Stress, Mood Disorders, Smoking, Domestic Violence, Home Care, Decision Making, PostPartum Depression, Adolescent Counselling, TeenAge Problems, Style Enhancement, Psycho Therapies, Mental Health, Money Loss, Meditation, Motivation, Addiction, OCD, Phobia, Depression, Over Thinking

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