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Enjoy Life with Baby

Enjoy Life with Baby

“ज़िंदगी की नई शुरुआत होती है | जब हमारी ज़िंदगी में आती है कोई नन्ही सी जान | हमसे सिखते-सिखते, हमें बहुत कुछ सिखाता है ये नन्हा महमान |”

किसी ने सच ही कहा है कि जब माँ एक बच्चे को जन्म देती है तो वह उसका पुनर्जनम होता है | ज़िंदगी में आया नन्हा महमान हर दिन नई-नई अठखेलियाँ दिखता है | एक नन्हा बालक अकेला इस दुनिया में नहीं आता, उसके साथ आते है; अनेक नए विचार एक नई चेतना अनंत फैलाव लाकर हमारे जीवन को एक नया मोड़ देती है | हमें जोडती है जीवन के हजारों अलग-अलग रंगों से और एहसास करवाती है अनेक भावों और संवेदनाओ का | नन्हे कदमों की धीमी-धीमी आहत हमें सैंकडो नई चाहतों से रूबरू करवाती है | उनकी मीठी-मीठी किलकारियाँ और शरारते हमें ले जाते है प्रकृति के करीब | उनके आने से हमें याद आ जाता है अपना बीता जमाना |  किस तरह जीये थे हमने अपने बचपन के दिन | सबसे ज़रूरी बात यह कि इस नई भूमिका में एक नारी सीखती कई नए अनुभव व हर चीज़ से प्रेम करना |

तेरे आने से शुरू हुआ एक नया जीवन: जब घर में कोई नन्हा महमान आता है तो उसके सीखने के  साथ साथ हमरे भी सीखने की एक नई यात्रा शुरू होती है | उसके साथ बीता हुआ हर पल हमारे लिए एक नया अनुभव होता है | उनकी शरारते और मस्तिया हमें अपने बचपन के दिनों की सेर करा देती है| हम भी महसूस करने लगते है उन सभी मधुर दिनों को जब हमने भी इस मासूमियत का आनंद लिया था | दिल करता है की एक बार फिर बच्चों के संग बच्चे बनकर जिन्दगी का लुफ्त लिया जाए | बच्चे हमें एक नई दृष्टिकोण देते है | बच्चें भर देते है जीवन में सच, नई उर्जा, और मासूमियत |

हर तरफ बिखरी है प्रेम की खुशबू: मुझे लगता है कि मैंने कभी बदलते मौसम को इतने निराले अंदाज से नहीं देखा जिस अंदाज में मेरी नन्ही सी जान देखती है | फूलों ने मुझे आकर्षित तो बहुत किया, लेकिन मैंने कभी इन्हें अपना दोस्त नहीं बनाया | जिस तरह उनके दिल में तितली के लिए दीवानगी है मेरे मन में कभी किसी के लिए नहीं रही | उसे चींटी के काटने से कोई फर्क नहीं पड़ता | उसे गुस्सा नहीं आता | उसे लगता है चींटी थोड़ी शैतान है, उसे बस समझाने की जरूरत है |

उसकी मधुर मोहक मुस्कान बन गयी है जीने की वजह: बच्चों की भोली और मधुर मुस्कान हर किसी को भाती है ? बच्चों में उल्लास हमसे कहीं अधिक होता है और वे हमें बड़े से बड़े संकट में भी मुस्कुराना सिखा देते है | बच्चों के स्वभाव को अगर हम अपने जीवन में उतार ले तो जीवन बहुत सरल हो जाएगा | बीते दिनों की टेंशन, दुःख और दर्द से आसानी से मुक्ति मिल जाएगी | बच्चों को बातें घुमाना नहीं आता वे सीधे और सचे होते है, शायद इसलिए किसी ने “ बच्चें मन के सच्चे” बात कही है|

संसार का यह अद्भुत कौशल है कि हम बच्चों से आसानी से सीख सखते है | जो मन में हो उसे सीधे सीधे कह दो | यह हुनर अगर हम सभी में आ जाए तो दिल के आधे बोझ तो आसानी से खत्म हो जाएगे |

मन को मिला संवेदनाओ का नया परिचय: माँ बनकर यह भी महसूस किया की बड़े, बच्चों को हमेशा सीखने में ही क्यों उलझे रहते हैं ? मस्ती और मौज में भी बच्चे बहुत कुछ सीख सकते है |मुझे लगा कि बच्चे को सीखना मेरी जिम्मेदारी है, लेकिन मेरा नन्हा शैतान मुझे हर रोज कुछ नया सिखाता है | सीखता है अपनी बात को निश्चय रूप से कहना | अपने मन कि करना और सामाजिक दायरों से खुल कर जीना | टीवी पर प्रसारित एक धारावाहिक में बच्चे को पिटता देख उसने कहा, “दुखता है मम्मा, गाल भी दुखता है और दिल भी |” अपने बेटे के इस वाक्य ने मेरे दिल को अंदर से तोड़ दिया और मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया | कितने गलत है हम जो अपने दर्द और कमजोरियों का गुस्सा उस मासूम पर निकल देते है | उसकी यह बात एक गंभीर चिंतन का विषय बन गयी मेरे लिए |

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